मध्य प्रदेश के प्रमुख मेले | Madhya Pradesh all Fairs

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मध्य प्रदेश के प्रमुख मेले

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Image Source: Youtube

मध्यप्रदेश मे करीब 1400 मेलो का आयोजन किया जाता है ! यदि संख्या की बात करे, तो सर्वाधिक 227 मेलें, मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में लगते हैं और सबसे कम 13 मेलो का आयोजन होशंगाबाद जिले में किया जाता है। इनमें से अधिकांश मेलो का आयोजन मार्चअप्रैल और मई के माह में किया जाता है|

सिंहस्थ कुम्भ मेला (Sihasth Kumbh Mela)  इस मेले का आयोजन उज्जैन जिले में प्रति 12 वर्षो में किया जाता है पूर्व में 2016 में इस मेले का आयोजन किया गया था इस प्रसिद्द मेले का आयोजन शिप्रा नदी के किनारे किया जाता है |

जागेश्वरी देवी का मेला (Jageswari Devi Mela) – मध्य प्रदेश में प्राचीन काल से गुना जिले के चंदेरी में इस मेले का आयोजन किया जाता आ रहा है।

रामलीला का मेला (Ramlila Mela) – ग्वालियर जिले की भंडेर तहसील में यह मेला आयोजित किया जाता है। 100 से भी अधिक सालो से चले आ रहे इस मेले का आयोजन जनवरी-फरवरी के माह में लगता है

हीरा भूमिया का मेला (Hira Bhumiya Mela) – ग्वालियर, गुना और आसपास के क्षेत्रों में ‘हिरामन बाबा’ का नाम प्रसिद्ध है। ऐसा कहा जाता है कि हिरामन बाबा के आशीर्वाद से महिलाओं का बांझपन दूर हो जाता है। अगस्त-सितम्बर के माह में इस मेले का आयोजन किया जाता है|

नागजी का मेला (Nagaji ka Mela) – यह मेला, मुरैना जिले के पोर्सा गांव में लगता है नवंबर-दिसंबर के दौरान इस मेले का आयोजन किया जाता है। यह पशुओ को खरीदने बेचने के लिए प्रसिद्ध है

तेजाजी का मेला (Tejaji ka Mela) – 70 वर्षों से गुना जिले के भामावड़ गांव में तेजाजी के मेले का आयोजन होता आ रहा है

आलमी तब्लीग़ी इजतिमा (Almi Tabligi Iztima) – तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले का आयोजन भोपाल में किया जाता है

अमरकंटक का शिवरात्रि मेला (Amarkantak ka Shivratri Mela) – शहडोल में स्थित अमरकंटक में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल पर शिवरात्रि के दिन इस मेले का आयोजन किया जाता है

महामृत्यंजय का मेला (Mahamrityunjay Mela) – शिवरात्रि के दिन रीवा जिले में इस मेले का आयोजन किया जाता है

चंडी देवी का मेला (Chandi Devi Mela) – सीधी जिले के घोघरा गाव में मार्च-अप्रैल के माह में इस मेले का आयोजन किया जाता है

सिंगाजी का मेला (Singaji ka Mela) – पश्चिमी निमाड़ के पिपल्या गांव में यह मेला आयोजित किया जाता है| अगस्त-सितम्बर में एक सप्ताह के लिए यह मेला लगता है।

शहाबुद्दीन औलिया बाबा का उर्स (Shahabuddin Auliya Baba) – इस उर्स का आयोजन मंदसौर और नीमच में किया जाता है | फरवरी माह में यह चार दिनों तक चलता है

कालूजी महाराज का मेला (Kaluji Maharaj ka Mela) – पश्चिमी निमाड़ के पिपल्याखुर्द में एक महीने तक यह मेला लगता है।

धामोनी उर्स (Dhamoni Urs) – यह मेला धामोनी नमक स्थान पर लगाया जाता है जो की सागर जिले के अंतर्गत आता है| यह मेला अप्रैल-माह के महीने में लगता है

बरमान का मेला (Barman Mela) – यह मेला 13 दिनों तक चलता है जिसका आयोजन नरसिंहपुर के गाडरवाड़ा में किया जाता है

काना बाबा का मेला (Kana Baba ka Mela) – इस मेले का आयोजन होशंगाबाद के सोढलपुर में किया जाता है

गरीब नाथ बाबा का मेला (Garib Nath Baba ka Mela) – इस मेले का आयोजन शाजापुर में किया जाता है

सनकुआ का मेला (Sankua ka Mela) – दतिया के सेवड़ा में

मेहर माता का मेला (Mehar Mata ka Mela) – सतना के मेहर में इस मेले का आयोजन किया जाता है

पीर बंधु का मेला (Peer Bandhu Mela) – सांवरा शिवपुरी में आयोजित होता है

कुंडेश्वर मेला (Kundeshwar Mela) – मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ लगता है

सोनागिरी का मेला (Sonagiri Mela) – इसे दतिया में लगाया जाता है

उन्नान का मेला (Unnan Mela) – इसे दतिया में लगाया जाता है

सिद्ध बाबा का मेला (Siddh Baba Ka Mela) – यह मेला श्योपुर में आयोजित किया जाता है

रतनगढ़ का मेला (Ratangad Mela) – यह मेला रतनगढ़ दतिया में लगाया जाता है

रामजी बाबा का मेला (Ramji Baba ka Mela) – इसे होशंगाबाद में लगाया जाता है

मठ घोघरा मेला (Math Ghoghra Mela) – इसका आयोजन भैरवनाथ, सिवनी में किया जाता है

मान्धाता मेला (Mandhata Mela) – खंडवा क्षेत्र में मनाया जाता है

नौदेवी का मेला (Naudevi Mela) – यह मेला रावतपुरा, भिंड में आयोजित किया जाता है

धर्मराजेश्वर मेला (Dharmrajeshwar Mela) – यह मंदसौर में लगता है

उमरेठ का मेघनाथ मेला – छिंदवाड़ा

बल दाऊजी का मेला – पन्ना

मढ़ई का मेला – डिंडोरी

मध्य प्रदेश का व्यापारिक मेला – ग्वालियर

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